Saturday, September 17, 2022

*स्मरण रहे ~* *22 दिसम्बर 1666 को**गुरु गोबिंदसिंह जी का जन्म हुआ था,* *और इस सप्ताह में ही**गुरु गोबिंदसिंह जी का पूरा परिवार* *देश-धर्म के लिए शहीद हो गया था.* *22 दिसम्बर 1704 को हुआ* *विश्व के इतिहास का अकल्पनीय* *चमकोर धर्मयुद्ध* *जिसमें 40 सिक्ख योद्धा लड़े* *हजारों मुगल वहशी दरिंदो से.**23 दिसम्बर 1704 बाबा अजीत सिंह* *शहीदी दिवस चमकोर साहिब,* *उम्र 17 वर्ष.**24 दिसम्बर 1704 बाबा जुझार सिंह* *शहीदी दिवस चमकोर साहिब,* *उम्र 15 वर्ष ।**25 दिसम्बर* *1704 बाबा जोरावर सिंह उम्र 9 वर्ष ,* *बाबा फतेह सिंह उम्र 5 वर्ष* *शहीदी दिवस , सरहिंद , पंजाब.**26 दिसम्बर मध्यरात्रि माता गुजरी* *गुरु माँ पंचतत्व में विलीन.**इन पाँच दिनों में दशमेस पिता ने* *अपना सारा वंश देश-धर्म परबलिदान कर दिया और उस वंशदानी ,* *कलगीधर की भूमि पर हम उन दिव्य आत्मा के बलिदान को भुलाकर* *विदेशी सेंटा-घंटा और न्यू ईयर में खोऐ हैं.* *धिक्कार है हमें.**कोटि-२ नमन गुरु प्यारयां नुं ते* *चार शाहिबजादेयां न्नुं.**आज से 14 वे दिन मकर सक्रांति त्यौहार है इसको धूमधाम से मनाना* *बारम्बार प्रणाम. 🙏**जो बोले सो निहाल सत श्री अकाल* *वाहे गुरु जी दा खालसा ,* *वाहे गुरु जी दी फतेह*.

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