Saturday, September 17, 2022

सूरज के सांड और गऊ के जाये सुबह सबेरे ही हमारे सार्वजनिक पड़ोसी गिरधारीलाल ने पहेली की चुनौती दे डाली कि 'बताइये इन दिनों कौनसी खबर ज्यादा सुखियों में है ।' मेरा मूड अभी इस विषय पर चर्चा को तैयार न था, मैने कह दिया 'आप ही बताइये ।' वे चंचलता दिखाते हुए बोले 'चलो कुछ क्लू देता हूं उनमें से एक का चयन करके बता देना । पहला अल जवाहिरी की मौत, दूसरा अमेरिका चीन और ताईवान का कंजर क्लेश, तीसरा कॉमनवेल्थ गेम्स और चौथा ईडी(प्रवर्तन निदेशालय) की छापेमारी ।' मैंने बला टालने के उद्देश्य से कहा 'मैं हार मानता हूं मेरी भयां । चलिए आप ही उत्तर दे दीजिये ।' वे बच्चों की तरह खुश होकर बोले 'ईडी की धमाल सबसे ऊपर है ।' 'वो कैसे?' पूछने पर बोले 'देखते नहीं क्या रुतबा है इसके अधिकारियों कर्मचारियों का, सारे देश को हिला कर रख दिया। कोई दूर का रिश्तेदार भी ईडी में चपरासी होता तो भी मजा आ जाता । कैसे बड़ों बड़ों के हल्क में डंडा देकर नोटों के अंबार उगलवा रहे हैं । जब मशीनों से नोट गिन रहे होते हैं नोटों की इमारतें और रंगोली बना कर सेल्फी लेते हैं उन जैसे धनी वाली फीलिंग कुबेर ने भी क्या ली होगी ।' गिरधारी लाल जी की आनन्द लीला भंग करते हुए मैंने कहा 'भोले भाई वह पैसा सरकार का होता है गिनना या सम्भालना उनकी ड्यूटी है ।नोट गिनने का इतना ही शौक है तो बैंक में कैशीयर बन जाओ, पटवारी या रोडवेज में कंडक्टर लग जाओ सपने में भी नोट गिनते रहोगे ।' मेरी बात से उन्हें थोड़ी मिर्च सी लगी, बोले 'कैशियर किसी के घर बंगले में घुसकर ताले तोड़कर नोट बाहर निकाल सकता है क्या ?पटवारी देश की अमीरतम महिला को अपने दफ्तर में बुला कर घण्टों पूछताछ कर सकता है ? कंडक्टर किसी की आय से अधिक सम्पत्ति की जांच कर सकता है क्या? यह काम तो ईडी ही कर सकती है । बंगाल के एक बूढ़े मंत्रीजी और उसकी जवान महिला मित्र को तो बकरे के बच्चे सा इधर उधर खींचे फिरती है ।उस मंत्री को व्हीलचेयर पर बैठा कर वो जलूस निकाल रही है कि पीछे दे दाता के नाम तुझको अल्ला रखे गाना बज जाये तो लोग हाथ पर आना दो आना रख जायें ।मुंबई का बड़बोला शिवसेना नेता संजय राउत जो पार्टी का बंटाधार करने के बाद भी भगवा पटका लहराते हुए खुद को तुर्रम खां दिखा रहा था अब भीगी बिल्ली बना है तो ईडी के खौफ से ही ।' मैंने कहा 'इतने दिनों की पूछताछ के बाद भी बंगाली आरोपी स्वीकार ही नहीं कर रहे कि उनके घरों से मिले नोटों के अंबार, प्रोपर्टी के कागज और सोने के टोकरे जिनमें आधा आधा किलो के कंगन हैं उनके हैं। वे ईडी और देश को मूर्ख समझते हुए यही रट लगाए हुए हैं कि पता नहीं ये नोट किसके हैं । हां अस्पताल में मेडिकल जांच करवाते समय वहां आई एक साधारण महिला ने मंत्री पर चप्पल जरूर दे मारी । इसके कुछ मायने निकलते हैं कि भृष्ट नेताओं का इलाज जनता ही कर सकती है। ईडी या अन्य एजेंसियां सरकारी आदेशों का पालन भर करती हैं । शाहरुख खान के बेटे की बीच समुंदर लग्जरी जहाज पर हो रही पार्टी के समय खूब धमाचौकड़ी मची थी । नशा बरामदगी और गिरफ्तारियां हुई । कई दिन तक हाई प्रोफाइल ड्रामा हुआ । टीवी चैनलों ने खूब कांव रौला मचाया । बाद में केस डिसमिस हो गया जांच एजेंसी वह भी खूब अधिकार सम्पन्न थी, कह दिया कि गलतबहमी हो गई थी ।'मेरी बात से वे फिर तिलमिलाए और बोले 'नेशनल हेराल्ड को सीलबंद कर देना आपको छोटा मोटा काम लग रहा है । देख लेना इस अखबार के नाम से जो पैसे की हेरफेर हुई है सब बाहर आ जायेगी ।' मैंने उनके जोश पर जावण लगाते हुए कहा ,'स्विस बैंक में जमा देश का काला धन ,बैंकों से अरबों रुपये लोन लेकर भगौड़े हुए ठग,सरकारों के गिरने की स्थिति में सूटकेसों की भूमिका की जांच भी ईडी के अधिकार क्षेत्र में आती है वहां क्या उपलब्धि हासिल की है जरा वह भी खुलासा कर दीजिये । ये एजेंसियां उठाव तो सूरज के सांड जैसा करती हैं लगता है इस बार तो कुछ नया होगा परन्तु परिणाम के समय गऊ के जाये बनकर मोक मारने लगते हैं । हाथ पीछे खींच लेते हैं। सरकार बदलते ही नए घोड़े नये मैदान हो जाते हैं ।ढाक के वही तीन पात रहते हैं ।आजतक कितनों को जेल हुई ?ये सौ पचास करोड़ जब्त भी हो जायें तो इन मोटी चमड़ी वालों के क्या फर्क पड़ता है?'मेरे तेवर देखकर पड़ोसी जी ने चलने में ही भलाई समझी ।

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